इस गेम में उपयोग होने वाले चार्ट का अध्ययन करें। चार्ट में नए खिलाड़ियों को खेल खेलने के साथ साथ प्रदाताओं के लगातार किये जाने वाले प्रासंगिक सभी प्रकार की जानकारी देता है। मटका चार्ट निकालने के लिए आपको पिछले दिन की जोड़ी जोड़ना है, मान लीजिए पिछले दिन की जोड़ी 88 है तो जोड़ी का टोटल 16, इसका फाइनल नम्बर 6 है। तो अंतिम अंक ले। संभावित परिणाम यह हो सकते हैं।

भारत मे सट्टा मटका का कानून
भारत मे सट्टा मटका आजादी से पहले खेला जा रहा है। इसकी उतपत्ति भारत में ही हुई थी। न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज में सट्टा बन्द किये जाने के बाद सट्टा मार्किट के व्यापारियों ने नया विकल्प तलाशा और सट्टा मटका को जन्म दिया। सट्टा मटका एक तरह लॉटरी की तरह ही है जिसमें लोग अंको के माध्यम से पैसा लगाते हैं। हालांकि भारत में ऐसी किसी भो तरह के खेल गैरकानूनी है।

ब्रिटिश शासन के दौरान भारत मे सट्टा या जुआ को लेकर कानून बनाया गया था जिसमें public gambling act 1867 के तहत भारत play bazaar मे इसे गैरकानूनी करार दिया गया था। इसके बाद भारत आजाद हुआ और पाकिस्तान अलग राष्ट्र बना तब पाकिस्तान ने यह कानून हटा दिया जबकि भारत में यह कानून जारी है।

भारत मे यदि आप सट्टा खेलते पाए गए तो आपको 100 से 300 रुपये तक का जुर्माना या जेल या फिर 1 महीने की जेल या फिर दोनों ही हो सकते हैं। यदि आप दुबारा जुआं खेलते पकड़े गए तो जुर्माने दुगना तथा कारावास 6 महीने तक का हो जाता है।

सट्टा मटका खेल का परिणाम
सट्टा मटका खेल समाज में एक दुष्प्रभाव फैलता है। हालांकि यह जल्दी अमीर अमीर बनने का एक जरिया है लेकिन इसमें नुकसान भी बेहद तेजी से होता है। भारत में घुड़सवारी को छोड़कर किसी भी तरह के सट्टा खेलने पर यदि कोई संल्पित पाया जाता है तो उसे कानूनी रूप से क्षति उठानी पड़ सकती है। इसलिए भारत में यह खेल खुलकर नहीं खेला जाता है। इसे चोरी छिपे चलाया जाता है।

सट्टा मटका एक खेल है। सट्टा किस्मत का खेल माना जाता है लेकिन Satta Matka में किस्मत के साथ साथ गणितीय रूप से यदि आप सोचने समझने की परख रखते हैं तो Satta Matka खेल आपको बहुत जल्दी अमीर बना सकता है। यदि आप आंखे बंद करके अंधाधुन पैसा लगा रहे हैं तो आपको सतर्क रहने की कोशिश है क्योंकि यह खेल भाग्य से ज्यादा दिमाग और अनुभव का है। यदि आप नए है तो मार्किट को समझकर पैसा डालें अन्यथा आपको दुष्परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

यदि आप सट्टा मटका मार्केट में आंकड़ो का गहराई से अध्ययन करते है और पिछले 1 महीने का डाटा एनालिसिस करते हैं तो आप आने वाले नंबरों का सटीक अनुमान लगा सकते हैं। इस तरह आपको सट्टा किंग बनने से कोई नहीं रोक सकता।

कई दफा ऐसा होता है कि गणितीय आंकड़ो की अच्छी समझ के बावजूद वे लोग सट्टा मटका टाइम बाजार में अच्छा नहीं कर पाते हैं इसका कारण है कि सट्टा में आपको भाग्यशाली होना भी जरूरी है। भाग्य आपका साथ नहीं देगा तो आप निश्चित रूप से अपने पैसे गंवा देंगे।

Q.1. सट्टा किंग का मालिक कौन है?
परंपरागत सट्टा को मटके के रूप में परिवर्तित करके सट्टा खिलाने वाले रतन खत्रीको सट्टा किंग कहते हैं। इसके अलावा कल्याण जी भगत को भी सट्टा किंग का मालिक कहते हैं बाद में इन दोनों ने साझेदारी करके इसको नया रूप दे दिया।

Q.2. Kalyan Satta Matka कौन चलाता है?
कल्याण सट्टा मटका की शुरुआत कल्याण जी भगत ने की थी जोकि गुजरात के किसान थे। उन्होंने ही कल्याण मटका का आरंभ किया था। लेकिम वर्तमान में कई मटका है जिनके विभिन्न मालिक हैं। कानूनी पचड़ों में न पड़ने के लिए आजकल मटका के मालिक अपना नाम जाहिर नहीं करते हैं वे अपना अपना व पता छिपा कर रखते है, लेकिन उनके कर्मचारियों और ऐजेंट को पता रहता है कि मालिक कौन है।

उसी तरह kalyan satta matka कौन चलाता है इसका जवाब देना मुश्किल है। ऑनलाइन वेबसाइट पर भी जो नम्बर मौजूद है वह एजेंट या कर्मचारियों के हैं। जो सट्टा लगाने वाले को पैसे के एवज में मदद करते हैं। यह पैसा सीधे मालिकों को पहुँच जाता है लेकिन इन मालिकों के बारे में पता लगाना मुश्किल है।

Q.3. सट्टा किंग का मुख्यालय कहाँ है ?
सट्टा किंग का मुख्यालय मध्य मुंबई है। ज्यादातर मटके मुम्बई से ही संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा नई दिल्ली, कानपुर, फरीदाबाद में भी इनके ऑफिस हैं।